सोमवार, 1 मार्च 2010

तुम्हारा ख्याल.........और ये बारिश .....



याद है तुम्हें ...
पिछले बरस का वो मौसम, 
कितना प्यार लेके आया था..
 तुम्हारे और मेरे जीवन में........ 
उस पल को तो यूँ लगा था कि 
शायद ज़िन्दगी यूँ ही गुज़र जायेगी 
हर पल तुम्हरे खयालो में खोये रहना, 
कितना शुकून देता था मुझे.... 
खुद से बातें करना, कभी हँसना तो
अचानक से खामोश सा हो जाना..
 घंटो बारिश में भीगना..
 मीलों, पैदल चलना....फिर अचानक से ठहर जाना ...
 उस बरस का हर दिन हर पल कितना हसीं कितना 
खुशनुमा सा लगता था..

ना जाने क्यूँ...
अबके बरस 
बारिश कि बूंदों के 
पड़ते ही...
घर में छुप जाता हूँ में 
सहमा सहमा सा रहता हूँ....... 
अपने कमरे के झरोखों 
से अक्सर झांकता रहता हूँ 
बाहर.. 
लोगों को भीगते देखता हूँ.....
तो 
तुम्हारा ख्याल ..

 आंसुओं  कि बरसात कर देता है.. 
लगता है...
अबके बरस 
ये बारिश भी
कुछ कम बरसी मेरे घर..  
या मेरे आंसुओं  ने उन्हें 
बरसने ना दिया... 
शायद तुम जो नहीं हो अब के बरस..


उफ्फ्फ्फ़........ 
तुम्हारा ख्याल ....और ये बारिश..... जीने नहीं देता मुझे...!



तुम्हारा
मनीष मेहता

(चित्र- गूगल से) 

7 टिप्‍पणियां:

  1. jab mera yaaar aa jaye to jam k baras,
    pehle na baras ki woh aa na sake,
    phir itna baras ki wo jaa na sake.

    sach kaha hai ap ne yeh mohobaat bhi kaisi cheez hai jise ho jaye use chain nahi or jise na ho use aaram nahi.

    Wo muskana tera,wo sharmana mera. December ka sama,wo bheegi bheegi sardiyan. Wo mosum kia howa,najane kaha kho gaya. Bes yaadain baqi. ...
    l o ve
    Jagmeet Singh

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  2. ज़िन्दगी बहुत हसीं है मनीष....हर पल को ख़ुशी से जियो......

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  3. when we r in love the life is totally different we like everything in our life but when our heart is broken we hate everything in our life... its true just just notice it..!

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  4. mausam aayenge jayenge ,
    na tum hamein bhul paoge na hum tumhe bhula payenge....

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  5. buddy i cn suggest u 1 thng -
    u cn wear raincoat while gng outside in rain he he...

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  6. Zindagi ke safar me jabkoi shqs humse bichad jata hae to aage ka safar tay karna mushqil so ho jata hae......fir kuch bhi acchaa nahi lagta hae.....!!!

    Bahut bhi Khubshurat ahsash aur utnaa hi khubshurat Andaz-e-bayaan....dil ko chuaa hae wakyi aapne ne.. keep writeing...

    God Bless u...

    Riya.......

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  7. ... kuch log yun hi mausam ban kar aate hain.. aur woqt se santh chal parte hain.. par un mausamo ki yaadein.. kuch bheege chor.. kuch nishaan.. vo sab.. hum sanjo kr rakh lete hain.. jaise vahi humari daulat hain.. in yaadon ko bhi sambhal kar rakhna.. har guzarte woqt ke santh ye aur khoobsurat ho jati hain.. dekho.. yun toh beeta woqt bohot.. fir bhi.. tumhari ye yaadein panno par chamakte moti si lagti hain.. !! :) :)

    God bless you.. smiles & cares.. !!

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